देश की सबसे अधिक विलंबित रेल परियोजनाओं में शामिल नंगल डैम–तलवाड़ा ब्रॉडगेज रेललाइन (Mukerian Talwara Railway Line) अब प्रधानमंत्री कार्यालय की निगरानी में आ गई है। वर्ष 1974 में शुरू हुई इस परियोजना को 1981-82 में 83.71 किलोमीटर ट्रैक के लिए 33.49 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। पांच दशक बाद इसकी लागत बढ़कर लगभग 2100 करोड़ रुपये हो चुकी है, लेकिन काम अभी भी पूरा नहीं हो पाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसकी प्रगति पर नजर रख रहे हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
1974 में तत्कालीन रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र ने अंब में इस रेलवे लाइन की आधारशिला रखी थी। परियोजना को वर्ष 1982 में औपचारिक मंजूरी मिली। इसमें 62 किलोमीटर हिस्सा हिमाचल प्रदेश और 21.71 किलोमीटर हिस्सा पंजाब में बनना था। तलवाड़ा से मुकेरियां तक 29.16 किलोमीटर लंबा सेक्शन भी इसी का हिस्सा है।
अब तक की प्रगति
नंगल–तलवाड़ा मार्ग पर ऊना, चरुड़ू, अंब, चिंतपूर्णी मार्ग और दौलतपुर चौक जैसे पांच स्टेशन बन चुके हैं। तीन हाल्ट स्टेशन भी तैयार हैं। अगला स्टेशन पंजाब के करटोली में प्रस्तावित है। तलवाड़ा, हाजीपुर और पटियाल में स्टेशन निर्माण की योजना है, जिसे आगे मुकेरियां से जोड़ा जाएगा।
संरचना और भूमि अधिग्रहण
इस परियोजना के लिए कुल 676 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता थी। तलवाड़ा–मुकेरियां खंड (Mukerian Talwara Railway Line) में भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। पूरी परियोजना में 43 मेजर ब्रिज, 154 माइनर ब्रिज, 32 रोड अंडर ब्रिज, 19 रोड ओवर ब्रिज और 12 लेवल क्रॉसिंग शामिल हैं।
तलवाड़ा–मुकेरियां सेक्शन में 11 मेजर ब्रिज, 79 माइनर ब्रिज, 31 रोड अंडर ब्रिज और 3 रोड ओवर ब्रिज प्रस्तावित हैं।
मुख्य अड़चनें
ऊना जिले में भूमि अधिग्रहण पूर्ण होने के बाद दौलतपुर चौक तक रेल सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। लेकिन होशियारपुर जिले में भूमि अधिग्रहण अभी भी अधूरा है, जिसकी वजह से परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही है।
देश की लंबित परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान पीएमओ ने इस ट्रैक की धीमी प्रगति पर कड़ा संज्ञान लिया। इसके बाद केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू का निरीक्षण दौरा बारिश के कारण टल गया।






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