BAPS Hindu Mandir : Abu Dhabi में बना भव्य हिंदू मंदिर, जानिए खास बातें!

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यूएई में बने बीएपीएस हिंदू मंदिर (BAPS Hindu Mandir ) की जिसके बनने में भारत का एक अहम किरदार है राजस्थान के पत्थरों के साथ-साथ गुजरात की बीएपीएस संस्था और खासकर पीएम मोदी का इस मंदिर से बेहद खास कनेक्शन है जिनकी यात्रा के बाद इस मंदिर को मिलने वाली जमीन दोगुनी हो गई ,अब सबसे पहले बात करते हैं मंदिर की आखिर इतना खास क्यों है

BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi

मंदिर यूनाइटेड अरब एमिरेट्स यानी कि संयुक्त अरब अमीरात में एक हिंदू मंदिर बनकर तैयार है इमोशंस के साथ अगर कहें तो एशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर बनकर तैयार है जिसे ( BAPS Hindu Mandir )  बीएपीएस मंदिर या हिंदू मंदिर के नाम से जाना जाता है इस मंदिर के बनते ही यूएई के ही नहीं बल्कि पूरे भारत और पूरे विश्व में फैले हिंदुओं के लिए एक गर्व और खुशी का पल आ गया

BAPS Hindu Mandir Abu Dhabi

अब इतनी तारीफ हो रही है तो जाहिर सी बात है कि मंदिर में कुछ खास तो जरूर होगा वह क्या है चलिए जान लीजिए 20 अप्रैल साल 2019 को बीएपीएस संस्था के महंत ने वैदिक अनुष्ठानों के साथ इस मंदिर का शिलान्यास किया इस मंदिर को करीब 27 एकड़ की जमीन पर बनाया गया है मंदिर में लगभग 18 लाख ईटों का इस्तेमाल किया गया है BAPS Hindu Mandir की ऊंचाई की बात करें तो यह 108 फीट की है बताया जा रहा है कि इसे बनाने में 2000 कारीगरों ने काम किया इस मंदिर को गुजरात में स्थापित हुई संस्था बीएपीएस ने बनवाया है,अबू धाबी के इस हिंदू मंदिर को बनाने में करीब 700 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं

मंदिर में 40000 क्यूबिक मीटर संगमरमर और 1800 क्यूबिक मीटर बलुआ पत्थर का इस्तेमाल हुआ है इस मंदिर को बनाने में उत्तरी राजस्थान के गुलाबी बलुआ पत्थर का इस्तेमाल हुआ है राजस्थान के अलावा इटली से भी इस मंदिर के लिए संगमरमर लाया गया है मंदिर के कुल सात पिलर हैं जो यूएई के सात राज्यों का प्रतिनिधित्व करती हैं मंदिर के परिसर में एक विजिटर सेंटर प्रेयर हॉल थेमेटिक गार्डन और लर्निंग एरियाज शामिल है  मंदिर (BAPS Hindu Mandir )  की खासियत यह है कि यूएई में पड़ने वाली भयंकर गर्मी का मंदिर के अंदर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा मंदिर में 300 सेंसर लगाए गए हैं जो भूकंपीय गतिविधि और तापमान की परिवर्तन जैसी घटनाओं पर बराबर नजर रख रखेंगेBAPS Hindu Mandir

अब सवाल आता है कि महंत स्वामी जी महाराज कौन हैं जिन्हें इस मंदिर को बनाने का श्रेय जाता है अबू धाबी के इस मंदिर को महंत स्वामी महाराज की संस्था बीएपीएस यानी बोचासन वासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था ने बनवाया है बीएपीएस एक हिंदू संस्था है जिसकी स्थापना साल 1907 में शास्त्रीय जी महाराज द्वारा गुजरात में की गई थी बीएपीएस एक वैश्विक हिंदू संगठन है जो भगवान स्वामीनारायण की शिक्षाओं का पालन करता है

बीएपीएस (BAPS ) की गतिविधियां मुख्य रूप से उनके मंदिरों पर आधारित हैं इनके नेटवर्क की बात करें तो बीएपीएस दुनिया भर में फैले 1100 से अधिक मंदिरों और करीब 3850 केंद्रों से बना है और पूरी दुनिया में इनके 55000 से भी ज्यादा स्वयंसेवक सदस्य हैं इसी बीएपीएस के छठे और वर्तमान आध्यात्मिक गुरु हैं महंत स्वामी महाराज जिनकी अगुवाई में यह मंदिर बनकर तैयार है जो इस मंदिर के उद्घाटन में राज्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे अब सवाल यह भी आता है कि यूएई यई में कितने हिंदू हैं मल्टीकल्चरल कहे जाने वाले देश यूएई में कुल सात राज्य शामिल है अबू धाबी दुबई शार जहां अजमान उम अल क्वेन फुज राह और रास अल खेमा जैसे सात राज्य दुबई में तो पहले से ही कई हिंदू मंदिर बने हैं लेकिन अब दुबई के बाहर रहने वाले हिंदुओं के लिए यह एक बेहद खुशी की बात है स्टैटिस्ता की रिपोर्ट के मुताबिक यूएई की वर्तमान पॉपुलेशन करीब 10 मिलियन की है यूएई में करीब 200 अलग-अलग राष्ट्रीयता और कई धर्म के लोग रहते हैं धर्म के आधार पर देखा जाए तो यूएई में हिंदू तीसरे नंबर पर आते हैं साल 2021 तक यूएई में भारतीयों की आबादी करीब-करीब 35 मिलियन के आसपास पहुंच गई ऐसे में हिंदुओं के लिए यह मंदिर बेहद खास और उनकी आस्था के लिए एक ऐतिहासिक लम्हा हैBAPS Hindu Mandir 9

  पीएम मोदी इस मंदिर (BAPS Hindu Mandir ) का उद्घाटन क्यों कर रहे हैं

इस मंदिर की कल्पना साल 1997 में की गई थी 9 अगस्त साल 2015 को पीएम मोदी ने एक घोषणा की थी जिसमें उन्होंने बताया था कि अबू धाबी के क्राउन प्रिंस और संयुक्त अरब अमीरात सशस्त्र बलों के उप सर्वोच्च कमांडर शेख मोहम्मद बिन जायद अल नयानले इस  (BAPS Hindu Mandir ) मंदिर के लिए जमीन अलॉट कर दी है पीएम मोदी ने इसके लिए यूएई सरकार का धन्यवाद भी किया था इसके बाद जनवरी 2019 में संयुक्त अरब अमीरात सरकार ने अतिरिक्त 133.5 एकड़ जमीन आवंटित की इस मंदिर के लिए इस प्रकार कुल 27 एकड़ भूमि मंदिर के लिए उपहार में दे दी गई

 

BAPS Hindu Mandir 2

13 फरवरी को पीएम मोदी अबू धाबी के शेख जायद स्टेडियम में भारतीय समुदाय के शिखर सम्मेलन अलहा मोदी यानी हेलो मोदी को संबोधित करेंगे और अगले दिन वह BAPS Hindu Mandir का उद्घाटन करेंगे अब सवाल यह भी आता है कि कितना खास है पीएम मोदी का यूएई से कनेक्शन साल 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 34 सालों में संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री बने इस यात्रा के बाद साल 2016 में यूएई के क्राउन प्रे शेख मोहम्मद बिन जायद अल नयानस यात्रा हुई फिर 2017 में भी क्राउन प्रिंस भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर आए इसके अलावा क्राउन प्रिंस ने भारत यात्रा के दौरान भारत यूएई संबंध को औपचारिक रूप से एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाया इसके बाद 2023 में हुए जी-20 समिट में भी क्राउन प्रिंस शामिल हुए

भारत और यूएई के रिश्ते पर जानकारों का मानना है कि यूएई भारत संबंधों ने सभी मोर्चों पर जबरदस्त प्रगति देखी है भारत यूएई व्यापार 2022 में बढ़कर 85 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया जिससे यूएई साल 20222 के लिए भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया और भारत का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक गंतव्य भी यूएई बन गया फरवरी 2022 में भारत पहला देश बन गया जिसके साथ यूएई ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते यानी कि सीपीए पर हस्ताक्षर किए 1 मई 2022 को सीपीए के लागू होने के बाद से द्विपक्षीय व्यापार में लगभग 15 प्र की वृद्धि हुई है खैर अबू धाबी में बन रहे इस  हिंदू मंदिर का मकसद दो संस्कृतियों को एक दूसरे से जोड़ना है जिससे आर्थिक संबंधों के साथ ही साथ दोनों देशों यानी भारत और यूएई के बीच आपसी समझौते भी पहले से बेहतर हो सके

 

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