India’s first Solar Power Expressway : भारत में बन रहा सोलर

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दोस्तों  तक आपने कई Expressway के बारे में सुना होगा जैसे कि Yamuna Expressway, Delhi Mumbai Expressway ये सभी भारत के बड़े एक्सप्रेसवे में से एक है लेकिन क्या आपको पता है कि देश का पहला Solar Power Expressway  भारत के किस राज्य में बन रहा है यह एक्सप्रेसवे कितना लंबा होगा इसे किस मॉडल के तहत बनाया जा रहा है इससे कितना सोलर पावर जनरेट होगा चलिए जानते हैंSolar Power Expressway

 Bundelkhand Expressway बनेगा Solar Power Expressway

दरअसल हम बात कर रहे हैं बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे ( Bundelkhand Expressway )की जो कि भारत के सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में मौजूद है और गाइज बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे ही देश का पहला सोलर एक्सप्रेसवे होगा आपको बता दें गाइ के उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी कि यूपीई आईडीए इस सोलर एक्सप्रेसवे का निर्माण करेगी अभी इसके लिए 1700 हेक्टेयर जमीन की पहचान कर ली गई है कई बड़ी कंपनी इस प्रोजेक्ट के लिए आगे आ रही है

Solar Power Expressway करेगा 1 लाख घरों को  रौशन

अब तक कुल आठ कंपनी अपना प्रेजेंटेशन दिखा चुकी है कि वह कैसे इस सोलर एक्सप्रेसवे का निर्माण करेंगे इन आठ कंपनियों में टको आर मैनेजमेंट एरिया वृंदावन पावर अला एनर्जी और भी कई कंपनी शामिल है सरकार का कहना है कि पीपीपी मॉडल के तहत इस एक्सप्रेसवे पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे एक बार पूरी तरह से इंस्टॉल हो जाने के बाद इस सोलर एक्सप्रेसवे से 550 मेगावाट सोलर पावर जनरेट किया जाएगा और इस पूरे प्रोजेक्ट से आसपास के 1 लाख घरों में रोजाना बिजली मिलेगी यानी कि अब तक जिन घरों में थर्मल पावर प्लांट से इलेक्ट्रिसिटी प्रोवाइड किया जाता था अब उन्हें सोलर एनर्जी से इलेक्ट्रिसिटी मिलेगी गवर्नमेंट के अकॉर्डिंग पूरा प्रोजेक्ट नेक्स्ट 25 इयर्स तक के लिए है अब आप सोच रहे होंगे कि देश का पहला सोलर एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में ही क्यों और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर ही क्यों बन रहा है ये दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे या फिर गुजरात जैसे राज्यों में भी बन सकता था आखिर उत्तर प्रदेश में ऐसी क्या खासियत है जो कि बाकी राज्यों में नहीं है

दरअसल   ( Bundelkhand Expressway ) बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का जो मुख्य सड़क है इस रोड और सर्विस लाइन के बीच में 15 से 20 मीटर चौड़ी पट्टी वाला एरिया पूरी तरह से खाली है और इसलिए सरकार इस पर सोलर प्लांट लगाने का प्लानिंग कर रही है लेकिन आपको बता दें गाइस कि एक्स्ट्रा स्पेस होने से इस पर सोलर प्लांट नहीं लगाया जा रहा है क्योंकि और भी कई एक्सप्रेसवे है जिन पर इस तरह की खाली एरिया मौजूद है तो फिर क्या रीजन है गाइस इसका मेन रीजन ये है कि यहां का जो मौसम है वो लगभग साफ रहता है

यह एक शुष्क एरिया है यहां बाकी राज्यों के जैसे बाढ़ जैसी सिचुएशन भी नहीं होगी और गाइस सोलर पैनल के लिए आपको पता ही होगा क्या चाहिए सोलर पैनल के लिए ज्यादा से ज्यादा धूप की जरूरत होती है एक सोलर पैनल इंडस्ट्री के लिए जो भी चीज जरूरी है है वो सारा चीज यहां पर अवेलेबल है और इन्हीं सब चीजों को देखते हुए भारत सरकार भारत का पहला सोलर एनर्जी एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में बना रही है अगर बात करें बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की जिस पर यह सोलर पैनल लगाया जा रहा है तो इसकी लंबाई 296 किमी है यह एक फोर लन एक्सप्रेसवे है जिसे आगे चलकर सिक्स लैन में अपग्रेड किया जा सकता है साल 2020 में इस एक्सप्रेसवे की आधारशीला रखी गई थी और फिर जुलाई 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया था यह एक्सप्रेसवे चित्रकूट से शुरू होकर आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर इटावा में समाप्त होता है और यह 182 गांव से होकर गुजरता है बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे ( Bundelkhand Expressway ) के लिए जितना बजट प्लान किया गया था

यह उससे 12 प्र कम कॉस्ट में बनकर तैयार हो चुका है इसकी कुल लागत 849 करोड़ है यह उत्तर प्रदेश का सबसे फास्ट कंस्ट्रक्शन वाला एक्सप्रेसवे भी है रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 28 महीने में इसका काम पूरा कर लिया गया था इस (Expressway ) एक्सप्रेसवे के बनने से ट्रेवल टाइम 14 घंटे से घटकर सिर्फ 8 घंटा हो गया है अब तक 500 से ज्यादा लोगों को इससे रोजगार भी मिला है और एग्रीकल्चर टूरिज्म इंडस्ट्रियल सेक्टर आदि क्षेत्रों में भी डेवलपमेंट देखने को मिल रहा है यह एक्सप्रेसवे हमीरपुर इटावा और आगरा जैसे शहरों से होकर गुजरता है और अब इस एरिया में जमीन और फ्लैट का जो रेट है वो काफी ज्यादा हाई हो चुका है इस एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा भी मौजूद है यानी कि जो भी इस 296 किमी लंबे एक्सप्रेसवे से यात्रा करेगा उसे टोल टैक्स देना होगा टोल टैक्स का रेट व्हीकल के अकॉर्डिंग डिसाइड किया जाता है

अगर वैन कार या जीप हो तो ₹2500000 से ज्यादा टोल टैक्स लिया जाता है बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के अलावा उत्तर प्रदेश में पांच एक्सप्रेसवे ऑपरेशनल है जिनकी कुल लंबाई 1225 किमी है इसके अलावा उत्तर प्रदेश में और भी कई एक्सप्रेसवे अंडर कंस्ट्रक्शन है

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