कांगड़ा जिले के इंदौरा उपमंडल में स्थापित काठगढ़ महादेव मंदिर काफी रहस्यमयी है।
इस मंदिर में विराजमान शिवलिंग दुनिया का पहला ऐसा शिवलिंग है जो दो भागों में विभाजित है। इसके एक भाग को शिव तो दूसरे को मां पार्वती का रूप माना जाता है।
शिव के रूप में पूजे जाने वाले शिवलिंग की ऊंचाई तो 8 फुट है वहीं माता पार्वती के रूप में पूजे जाने वाले हिस्से की ऊंचाई 6 फुट है।
यह शिवलिंग दो भागों में अलग-अलग रहता है। लेकिन सर्दी के मौसम में यह दोनों करीब आ जाते हैं। यह कैसे होता इस बारे में केवल यही कहा जाता है कि ग्रहों की स्थिति के अनुसार ही शिवलिंग पास और दूर होते हैं
यह प्रसिद्ध शिव मंदिर पठानकोट से सिर्फ 25 किमी दूर स्थित है। इसलिए भक्त आसानी से पठानकोट पहुंच सकते हैं और काठगढ़ शिव मंदिर तक पहुंचने के लिए बस या टैक्सी ले सकते हैं।