( EVM Machine ) इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन क्या है वह सेफ होती है क्या वह सही होती है वो काम कैसे करती है तो इस सब चीज के बारे में आज हम जानेंगे
ईवीएम ( EVM Machine) कैसे काम करती है
ईवीएम कैसे काम करती है ईवीएम के दोस्तों बेसिकली तीन पार्ट होते हैं पहला बैलेट यूनिट दूसरा वीवीपैट तीसरा कंट्रोल यूनिट जो बैलेट यूनिट होती है उसमें बहुत सारे बटन होते हैं और उसके सामने जिसको भी पार्टी को वोट करना चाहते हो उसके logo वहां लगे होते हैं बटन दबा के आप उस पार्टी को वोट दे सकते हैं

बीच में आती है एक मशीन जिसे वीवी पैट कहा जाता है वोटर वेरीफाई एबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी कि जब आप किसी पार्टी को या किसी प्रत्याशी को वोट देते हैं तो उसके सामने वोट दबाते ही जो कि एक अलग जगह पर होते है कोने में एक वो ढका हुआ होता है वहां पर बैलेट यूनिट होती है वहां पर बहुत सारे बटन होते हैं और पार्टी के ऐसे अलग अलग अलग होते हैं जिसके उस परे आप बटन दबा सकते हैं जब आप बटन दबाते हैं तो टीट की आवाज होती है

और जो वीवी पैट होता है एक मशीन होती है वहां पर एक पेपर निकल के आता है 7 सेकंड के लिए उसमें आप देख सकते हैं कि आपने किस पार्टी को वोट दिया है तो यह एक री कंफर्म और वेरीफाई करने के लिए होता है वोटर के लिए तो पर्ची भी बनती है उसकी और जो कंट्रोल यूनिट होती है वो प्रेजेंटिंग ऑफिसर के पास होती है वो इसलिए होती है कि कोई बहुत बार वोट ना दे दे क्योंकि यार एक बार दबा दो बार तीन बार चार बार पांच बार सारे ही वोट दे दे एक आदमी ऐसा ना हो इसलिए प्रेजेंटिंग ऑफिसर जब कोई एक आदमी वोट देने आता है तो उसे एक बार ही ऑन करता है तो एक बार ही वोट दी जा सकती है
EVM Machine का सिक्यूरिटी सिस्टम
EVM Machine में एक सिक्योरिटी फीचर है कि 1 मिनट में पांच बार वोट ही दी जा सकती है इससे ज्यादा नहीं दी जा सकती और टोटल देखा जाए तो 3800 के करीब वोट दे सकती है एक मशीन मतलब रिकॉर्ड कर सकती है तो ये इसमें सेफ्टी फीचर होते हैं अब इसके अंदर होता क्या है यह काम कैसे करती है क्या ये सेफ भी है
EVM Machine कहाँ बनी है पहले बार कहाँ हुआ इस्तेमाल
ईवीएम इंडिया में ही बनी है भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और कुछ प्रोफेसर थे एक दो उनके साथ बनी है ये पहली बार गोवा में इस्तेमाल हुई थी 90 के दौर में तब से ये भारत में आई और भारत में इस्तेमाल हो रही है मतलब भारत में इस्तेमाल मतलब गोवा में पहले हुई उसके बाद पूरे भारत में इस्तेमाल हुई

EVM में हिता है माइक्रोकंट्रोलर
इसके अंदर होता है माइक्रोकंट्रोलर , ये माइक्रोकंट्रोलर क्या होता है और इसी से आपको समझ में आएगा कि ये सेफ है माइक्रोकंट्रोलर एक तरह से बहुत ही कमजोर कंप्यूटर ही होता है इसमें कंप्यूटर के सारे कंपोनेंट होते हैं लेकिन ये साइज में छोटा होता है और यह ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड नहीं होता और यह एक ही टास्क को रिपीटेडली करने के लिए बना होता है यहां पर रिपीटेड टास्क क्या है मतलब वोट देना सिंपल बटन दबाए वोट दर्ज हो रिकॉर्ड हो इसका बस यही काम है
ईवीएम (EVM Machine) चलती किससे है
ईवीएम 6 वोल्ट की अल्कलाइन बैटरी से चलती है यानी कि ऐसी जगह पर भी वोटिंग कराई जा सकती है जहां पर टेक्निकली बिजली नहीं है क्योंकि बहुत जगह पर ऐसी जगह है जहां पर बिजली चली जाती है बिजली नहीं है 
क्या ईवीएम EVM Machine सेफ है ,क्या EVM हैक हो सकती है
ईवीएम मशीन में कोई ब्लूटूथ कनेक्टिविटी नहीं होती कोई वाईफाई कनेक्टिविटी नहीं होती कोई जीपी आईओ पिंस नहीं होती कंप्यूटर्स भी हैकेबल और अन हैकेबल होते हैं मतलब इंटेंशनली ऐसे कंप्यूटर भी बनाए जाते हैं जिसके साथ मैनिपुलेशन हो सकता है लेकिन ईवीएम में ऐसा कोई इंटरफेस नहीं है ना इसमें वाईफाई है ना ब्लूटूथ कनेक्टिविटी है ना कोई और यूएसबी लगता है कुछ भी नहीं लगता और इसीलिए इसको टेंपर प्रूफ कहा जाता है कि इसमें आप एक्सटर्नली कुछ भी डाटा ना निकाल सकते हैं ना डेटा डाल सकते है
इसमें डेटा डालने का सिर्फ एक ही तरीका है ,वोट बटन दबा के और वो भी बहुत कंट्रोल्ड होता है एक मिनट में पांच बार होता है और अगर प्रेजेंटिंग ऑफिसर ऑफ कर दे तो वोट नहीं काउंट होते प्रेजेंटिंग ऑफिसर एक आदमी के आने के बाद ही एक वोट को ऑन करता है वह बटन दबाता है एक वोट रजिस्टर होता है और वह चला जाता है उसके बाद दूसरा आदमी आता है तब प्रेजेंटिंग ऑफिसर दूसरा वोट ऑन करता है एक बार में एक आदमी एक ही बार बटन दबा सकता है यानी एक बार वोट दे सकता है अगर ऐसा कंट्रोलिंग ऑफिसर इसीलिए रखा जाता नहीं तो एक आदमी आके बार बार वोट देता चला जाएगा
क्या EVM Machine हो सकती है हैक
आई होप आपको समझ में आ गया होगा कि ईवीएम इंडिया में कैसे काम करती है और कैसे इसको टैंपर प्रूफ कहा जाता है इसमें लगा हुआ जो माइक्रोकंट्रोलर होता है और एक्सटर्नली आप उसमें कुछ कंट्रोल नहीं कर सकते तो दोस्तों आई होप आपको समझ में आ गया होगा की evm को हैक नही किया जा सकता
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