USBRL Project Tunnel T1 मुख्य चुनौती ,कश्मीर में कब चलेगी ट्रेन

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आज हम Udhampur-Srinagar -Baramulla Railway line  ( USBRL Project )  के बारे में  बात करेंगे और  साथ ही साथ यह भी जानेंगे की  आखिर वो कौन सी चुनौतियां हैं जो कि इस प्रोजेक्ट में हमें देखने को मिली है और एक सबसे बड़ी जो चुनौती है इस प्रोजेक्ट में वो है टनल t1

USBRL Project latest update and usbrl project tunnel t1

पहले जान लेते हैं  ( USBRL Project ) श्रीनगर बारामूला रेलवे लिंक परियोजना क्या है 

उदमपुर श्रीनगर बारामुला रेलवे लिंक प्रोजेक्ट ( USBRL Project ) जो है ये हमारे नॉर्दर्न रेलवे जन के अंडर में आने वाला एक ऐसा प्रोजेक्ट है जिसका कि एम है कश्मीर को इंडिया के अलग-अलग स्टेट के साथ में कनेक्ट करना इसकी टोटल लेंथ है 272 किमी की जिसमें कि 111 किमी सेक्शन के ऊपर कटरा से लेकर के बनिहाल के बीच में यहां पर काम किया जा रहा है कई सारे दुर्गम सुरंगे और कई सारे ऐसे ब्रिजे हैं जो कि भारतीय रेलवे को जो है एक नई पहचान यहां पर देने जा रहे हैं जिसमें इंक्लूड है हमारा अंजी खाट ब्रिज चेनाब ब्रिज जो कि दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज यहां पर रहने वाला है

USBRL Project Tunnel T1

अब बात करते हैं Tunnel T1 के बारे में कि आखिर किस तरीके की प्रोग्रेस हमें यहां पर देखने को मिल रही है तो जैसा कि आप लोग देख सकते हैं कि कटरा से जो ट्रैक्स यहां पर आ रहे हैं वो t1 टनल के जस्ट पहले थोड़ा सा पहले आ कर के यहां पर एंड हो रहे हैं और साथ ही साथ आप लोग देख सकते हैं कि ट्रैक्स के किनारे जो है ओई के पोल्स रेडी कर दिए गए हैं एंड इन ओई पोल्स के ऊपर इक्विपमेंट्स लगाना बाकी रह गया है जो भी ओवरहेड इक्विपमेंट्स लगे हुए होते हैं वो आने वाले समय में आपको यहां पर देखने को मिल जाएंगे

USBRL Project latest update and usbrl project tunnel t1

टनल की  बात करें तो यहां पर 35 मीटर का जो पोर्शन है अभी और बचा हुआ है और लास्ट वीडियो में मैंने आप से बात करी थी तब मैंने आपको बताया था कि 48 मीटर्स का यहां पर पोर्शन बचा हुआ था यानी कि तब से लेकर अब तक सिर्फ 13 मीटर्स का ही पोर्शन जो है ब्रेक थ्रू यहां पर करा गया है  और यहाँ पानी रिशाब की जो प्रॉब्लम है वो काफी ज्यादा देखने को मिलती है क्योंकि ये टनल जो है त्रिकुटा पर्वत के नीचे ब्रेक थ्रू करी जा रही है  यहां पर पानी रिशाब की काफी ज्यादा दिक्कतें हैं

USBRL Project Tunnel T1 name changed

टनल t1 को यहां पर टनल t 33 के नाम से यहां पर जाना जा रहा है तो हाल ही में इस टनल का जो नाम है वो यहां पर चेंज कर दिया गया है यानी कि अब तक हम लोग इस टनल को टनल t1 के नाम से जान रहे थे   अब  इस टनल को टनल t33 के नाम से जाना करेंगे

साल 2017 में इस टनल की शुरुआत यहां पर करी गई थी एंड उस समय इस टनल की जो प्रोग्रेस है वो रोक दी गई थी एंड हमारी भारतीय रेलवे के जो इंजीनियर्स हैं उन्होंने एक नए तरीके की टर्निंग मेथड का इन्वेंशन यहां पर कर लिया था जिसकी वजह से इसका फिर से ब्रेक थ्रू करने का काम शुरू करा गया एंड अब जो है इसकी ब्रेक थ्रू करने की प्रोसेस जो है वो काफी ज्यादा धीमी गति से यहां पर हमें देखने को मिल रही है

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रेलवे के इंजीनियर्स का यहां पर कहना यह है कि आने वाले 6 महीने लग सकते हैं क्योंकि यहां पर ब्रेक थ्रू करने का काम जो है काफी ज्यादा धीमी स्पीड से चल रहा है क्योंकि इंजीनियर्स एंड सभी वर्कर्स के ऊपर काफी ज्यादा चैलेंज इस वजह से रहते हैं क्योंकि यहां पर कोई हादसा ना हो जाए या फिर कोई प्रॉब्लम वाली बात ना यहां पर हो जाए तो इन सारी ची को देखते हुए काम यहां पर करना होता है इस वजह से ये जो प्रोग्रेस है वो काफी ज्यादा धीमी गति से यहां पर चल रही है

इसको लेकर के हमारे रेलवे मिनिस्टर सर अश्विनी वैष्णव  ने भी ये चीजें क्लियर कर रखी है कि आपको शुरुआती 2024 में ही ये जो पूरा प्रोजेक्ट ( USBRL Project )  है स्टार्ट होता हुआ नजर आएगा  और ट्रेन भी चला करेगी इस रूट के ऊपर सो ये चीज क्लियर कर रखी है उन्होंने कि शुरुआती 2024 में ही आपको ये प्रोजेक्ट ओपन होता हुआ नजर आएगा लेकिन यहां पर उन्होंने कोई भी एक सर्टन डेट फिक्स नहीं करी है कि इस तारीख के दिन ये प्रोजेक्ट शुरू होगा  यहां पर वेट करने की हमें जरूरत है अगर उन्होंने ने ये शुरुआती 2024 बोला है तो हो सकता है यहां पर कि अप्रैल या फिर मई तक कंप्लीट हो जाए

बाकी अगर सब कुछ सही रहता है तो मार्च या फिर फरवरी तक हम लोग मान के चल सकते हैं कि ये USBRL Project  जो है स्टार्ट हो जाएगा  और ट्रेन  भी आपको इस यूएसबीआरएल प्रोजेक्ट  ( USBRL Project ) के ऊपर चलती हुई नजर आएंगी

 

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