सामरिक महत्त्व की Bhanupali bilaspur railway line का कार्य दिन-रात तेज गति से किया जा रहा है। खास बात यह है कि गोबिंदसागर झील ( gobindsagr lake ) पर प्रस्तावित तीन किलोमीटर लंबा बायडक्ट ब्रिज पयर्टन के लिहाज से आकर्षण का केंद्र बनेगा । निर्माता कंपनी के ब्रिज सिविल सीनियर स्ट्रक्चर विशेषज्ञ इंजीनियर अंकित कुमार ने बताया कि 1700 करोड़ रुपए लागत की Bhanupali bilaspur railway line परियोजना सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।
इन दिनों यह तीव्र प्रगति पर है, ताकि गोबिंदसागर का पानी चढऩे से पहले इसके पिल्लरों को निर्मित करके पानी की सतह से बाहर तक लाया जा सके। इस लाइन को बिछाने के लिए मंडी-भराड़ी से लेकर बिलासपुर शहर के निकट बैहल-कंडेला तक का भाग सतलुज के किनारे तीन किलोमीटर पड़ता है। आरसीसी पिल्लरों पर फ्लाइओवर पर आधारित यह ब्रिज पर्यटन आकर्षण का केंद्र होगा। कंपनी के विशेषज्ञ इंजीनियर, मजदूर व अन्य प्रकार की लेबर व मशीनरी दिन-रात कार्य कर रही है।
इंजीनियर अंकित कुमार ने बताया कि इस रेलवे ट्रैक के निर्माण के लिए विभिन्न स्थलों पर विभिन्न ऊंचाइयों के 12-12 पिल्लरों के समूह को निर्मित करने के लिए 30-30 मीटर गहराई की नींव को डेढ़-डेढ़ मीटर गोलाकार 10 एमएम मोटी लोहे की चादर से बनी पाइप को ड्रिलिंग मशीन से खुदाई करके जमीन में गाड़ा जा रहा है, जिनके अंदर मजबूत आरसीसी पिल्लरों और जमीन के लेवल पर एक सवा दो मीटर मोटा आरसीसी का ही प्लेटफार्म निर्मित होगा ताकि रेल की धमक का इस पर कोई प्रभाव न पड़े। इस प्लेटफार्म के मध्य में कोई 28.50 मीटर ऊंचाई तक 4.50 मीटर गोलाई में एक ही पिल्लर निर्मित करके उस पर केंटीलीवर निर्मित किया जाएगा जिस पर ब्रॉडगेज रेलवे लाइन बिछाई जाएगी।
Bhanupali bilaspur railway line का रेल ट्रैक बनेगा आकर्षण का केंद्र
गोबिंदसागर का जलस्तर बढऩे पर यह तीन किलोमीटर लंबाई में निर्मित होने वाला रेल ट्रैक पूरी तरह से गोबिंदसागर से होकर गुजरेगा। इसका अद्भुत दृश्य देखने लायक होगा। हर वर्ष सिल्ट के गोबिदसागर में आने के कारण विशेष आधुनिक तकनीकों व सावधानियों का प्रयोग किया जा रहा, जिसे समयावधि में पूरा करने के सभी आवश्यक प्रयास जारी हैं।






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