mumbai nagpur bullet train update
मुंबई और नागपुर महाराष्ट्र की दो राजधानियां है इनको कनेक्ट करने वाली जो बुलेट ट्रेन या हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट है इसके लिए जो डीपीआर या डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट है वो तैयार हो गया है और मिनिस्ट्री ऑफ रेलवेज को सबमिट भी कर दिया गया है और ये एक बहुत ही ज्यादा एडवांस और सिग्निफिकेंट लेवल अप है इस प्रोजेक्ट को साकार करने के लिए उम्मीद नहीं थी कि इतनी जल्दी इस प्रोजेक्ट का डीपीआर एक्चुअल में बनाया जाएगा और बाद में रेलवेज को सबमिट भी किया जाएगा
मतलब ये है कि रेलवेज अभी जो प्रोजेक्ट के बारे में प्लानिंग है फीजिबिलिटी स्टडीज है इनके बारे में जांच कर चीजें अगर सही निकल कर आती है तो डीपीआर को अप्रूव किया जाएगा और अप्रूव होने के बाद में इस (mumbai nagpur bullet train) प्रोजेक्ट को फंड करके इसके काम को या टेंडर निकालने का जो काम होता है इसको अप्रूवल दिया जा सकता है
महाराष्ट्र के अंदर जो इकोनॉमिक डिस्पैरेज है वो बहुत बड़ी है मुंबई और जो कोकन का ओवरऑल रीजन है ये काफी रिच है प्रॉस्परस है लेकिन जैसे-जैसे हम ईस्टर्न महाराष्ट्र की तरफ बढ़ते हैं वैसे-वैसे यहां पर हमें गरीबी या कम इकोनॉमिक एक्टिविटी देखने मिलती है हालांकि नागपुर एक बड़ा इकोनॉमिक है लेकिन जो बीच का एरिया है यहां पर जो फार्मिंग है वो भी ड्रॉट प्रोन है वहां बारिश ज्यादा नहीं होती गरीबी है फार्मो सोसाइड जैसे इशू है और ओवरऑल इकोनॉमी जो है इंडस्ट्रियली भी डेवलप नहीं है इस लाइन के बनने की वजह से एक बहुत बड़ा रेवोल्यूशन आएगा महाराष्ट्र के बाकी एरियाज को डेवलप करने के लिए जहां पर 10 डिस्ट्रिक्ट्स को डायरेक्टली फायदा होगा
इस (mumbai nagpur bullet train) लाइन के बनने के कारण और साथ-साथ जो वर्तमान में 13 से 15 घंटों का समय लगता है दोनों शहरों को कनेक्ट करने के लिए बाय ट्रेन वो घटकर सिर्फ 3;30 घंटे हो जाएगा और ये एक यूनिक प्रोजेक्ट इसलिए है क्योंकि ये देश के अंदर का वन ऑफ द फर्स्ट प्रोजेक्ट्स होगा या फिर दी फर्स्ट प्रोजेक्ट होगा जो एक एजिस्टिफाई ज्यादा लैंड एक्विजिशन की यहां पर जरूरत नहीं होगी
समृद्धि महामार्ग का बहुत बड़ा सेक्शन ओपन हो गया है सिर्फ मुंबई और नासिक के बीच का सेक्शन बाकी है तो यहां पर जो ओवरऑल ये बुलेट ट्रेन बनेगी ये इसी रूट को काइंड ऑफ फॉलो करेगी जिसके अंदर टोटल 15 स्टेशंस को एनविजन किया गया है अब इसका मतलब है यहां पर जब जमीन एक्वायर की जा रही थी समृद्धि महामार्ग के लिए तो फ्यूचर एक्सपेंशन के लिए सोचते हुए मीडियन और जो रोड है उसके आसपास में एक्स्ट्रा जमीन ऑलरेडी जो एमएसआर डीसी है महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन इन्होंने एक्वायर कर ली थी जिसके वजह से किसी गवर्नमेंट एंटिटी के पास में ये जमीन अब ऑलरेडी मौजूद है अब इसके वजह से जब ये बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट बनेगा तब जो लैंड एक्विजिशन है बहुत आसान होगा जहां पर 741 किमी की जो लाइन है यहां पर सिर्फ 150 हेक्टर ऑफ लैंड ही एक्वायर करना पड़ेगा जो एक्चुअल में बहुत कम जमीन है पूरे प्रोजेक्ट के हिसाब से जिसके कारण यहां पर जैसे ही डीपीआर अप्रूव होता है वैसे ही यहां पर जो प्रोसेस होगा
mumbai nagpur bullet train कहाँ से गुजेरेगी
अब समझ लेते हैं इस प्रोजेक्ट का अलाइन मेंट किस तरीके से होगा ये प्रोजेक्ट मुंबई से होगा लेकिन एग्जैक्ट मुंबई से नहीं बल्कि ये थाने से शुरू होगा थाने यहां पर जरूरी इसलिए बनता है क्योंकि आगे जाकर ये देश का पहला बुलेट ट्रेन जंक्शन बनेगा मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन जो थाने से जाती है इसको थाने से इसलिए डायवर्ट किया गया है क्योंकि फ्यूचर में जो मुंबई टू बेंगलुरु वाली या मुंबई टू हैदराबाद वाली बुलेट ट्रेन बनेगी उसके लिए भी थाने ही सबसे बड़ा स्टेशन होने वाला है क्योंकि यहीं से एक रेलवे लाइन मुंबई की तरफ और दूसरी नीचे साउथ पुणे की तरफ कंटिन्यू होगी और थाने का जो जंक्शन है यहां से ये लेन शुरू होती हुए आगे जाएगी शाहपुर शिर्डी गोठी करण जाला नासिक औरंग का बाद जालना महकर मालेगांव पलगांव वर्धा खपरी और लास्टली अंजनी जो कि नागपुर ही आ जाता है इसकी वजह से कहीं ना कहीं पर बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट बन जाएंगे और इनके पास में इकोनॉमिक एक्टिविटी बढ़ेगी
mumbai nagpur bullet train टिकट किराया
अब तक प्राइसिंग स्ट्रक्चर डिसाइड नहीं हुआ है लेकिन एंटीसिपेट किया गया है कि जो टिकट प्राइसेस होंगे यहां पर वो रेलवे के फर्स्ट एसी के जो ट्रेवल कॉस्ट होता है उससे 1.5 गुना ज्यादा होंगे और इन ट्रेंस की स्पीड 250 किमी पर प्रति घंटे की होगी , mumbai nagpur bullet train की वजह से बहुत ज्यादा डेवलपमेंट मिलेगा और साथ-साथ जो 741 किमी का रूट है ये ज्यादातर समृद्धि महामार्ग के ऊपर बना है तो जो मॉडल टाउंस बन रहे हैं समृद्धि महामार्ग के उनको बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा
जो समृद्धि महामार्ग है ये सिर्फ रोड प्रोजेक्ट नहीं है बल्कि एक इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी है इसका मतलब ये है कि गवर्नमेंट ने अलग-अलग कई सिटीज प्लान किए हैं
अगर नासिक के बाद में हम देखें तो बहुत ज्यादा डेवलपमेंट की जरूरत है और वहां पर विकास धीरे-धीरे देखने को मिलेगा जो टोटल कॉस्ट प्रोजेक्ट के लिए एस्टीमेट की गई है वो 200 करोड़ पर किलोमीटर जिसके वजह से जो टोटल ओवरऑल कॉस्ट हो जाएगा वो होगा 1 . 5 लाख करोड़ जो एयर सर्वे है ये वैसे मार्च 2021 में ही हो गया था इस प्रोजेक्ट के लिए और एक डीपीआर काम बनने का काम जो है वो नवंबर 2021 में शुरू हो गया था तो अी डीपीआर बनाने को काफी समय तो लिया है गवर्नमेंट ने देखते हैं इसके ऊपर क्या गवर्नमेंट जो है आगे जाकर चीजें करेगी






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